Home » IPS इंटरव्यू, जुर्म » अपराधी कितनी भी पहुंच वाला क्यों न हो छोड़ूंगा नहीं – एसपी प्रेम गौतम

PREM GAUTAM IPSजनता को हर कदम पर सुरक्षा और उसकी समस्याओं का पूर्ण समाधान करने वाले बेहद ही गंभीर स्वभाव के 2005 बैच आईपीएस अधिकारी प्रेम गौतम का मानना है कि आज के दौर में में मुश्किलें तो हर काम में हैं लेकिन उनसे हमें हारना नही बल्कि ऐसी मुश्किलों का सामना कर उनको जड़ से ही खत्म कर देना चाहिए ताकि वे भविष्य में समाज के लिए नासूर न बन सकें। वर्तमान में शाहजहांपुर जिले के पुलिस अधीक्षक का चार्ज लिए अभी एक पखबाड़ा भी नहीं हुआ कि उनकी सादी वर्दी में अकेले ही छापामार कार्रवाई का खौफ नाकारा पुलिस कर्मियों व अवैध कारोबारियों के चेहरे पर दिखाई देने लगा है। थानों मे कभी फरियादी बनकर हाइ-वे पर साइकिल से जाकर तो कभी बैलगाड़ी पर सवार होकर वहां तैनात पुलिस कर्मियों में नवागत पुलिस अधीक्षक का एक अन्जान खौफ बना हुआ है। ऐसे लोगों के अन्दर बस एक ही खौफ है कि पता नही कब कहां किस भेष में पुलिस अधीक्षक मिल जाएं। ऐसे कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बात की भड़ास4पुलिस से, प्रस्तुत हैं उनकी बातचीत के कुछ प्रमुख बिंदु…

भड़ास4पुलिस- अपनी प्रारम्भिक शिक्षा और प्रशासनिक तैयारियों के बारे में बताये ?

प्रेम गौतम – मैने बीटेक (इलेक्ट्रिकल्स) आईआईटी कानपुर से किया है और इसके बाद मै सी डॉट टेलीकॉम कम्पनी में रिसर्च इंजीनियर था।

भड़ास4पुलिस – आईपीएस अधिकारी बनने के पीछे क्या कारण रहे?

प्रेम गौतम – मेरा कभी भी किसी पुलिस अधिकारी से कोई परिचय नही था लेकिन जब मै समाज में होते अपराधों एवं घटित होती घटनाओं को देखता व सुनता था तो मेरे मन एक विचार आता था कि क्यों न कोई ऐसा काम करूं जिससे कि मैं पीड़ित जनता से सीधे मिल सकूं और उसे न्याय दिलाया जा सके। इसी को सोचकर मैने लगन से तैयारी की जिसमें मुझे सफलता मिली।

भड़ास4पुलिस – शाहजहांपुर के अलावा और किन-किन जिलों में आपने अपनी सेवाएं दी? वहां ज्यादातर किस तहर की समस्या आपके सामने आयी?

प्रेम गौतम – श्रावस्ती, कन्नौज, जालौन पीलीभीत, में बतौर पुलिस अधीक्षक मैंने अपनी सेवाएं दी है। इसके अलावा मै मुरादाबाद में एसपी जीआरपी भी रहा हूं। वैसे तो सभी जिलों में हालात सामान्य रहे हैं लेकिन मुझे जालौन में कानून व्यवस्था को पटरी पर जाने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। क्योंकि वहां संगठित अपराध को खत्म करने के लिए कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लेकिन इस सब के बावजूद मैने हौसला नहीं छोड़ा और डटकर उन चुनौतियों का सामना किया और मैने सफलता भी हासिल की।

भड़ास 4 मीडिया – एनकाउन्टर को कहां तक सही मानते हैं ?

प्रेम गौतम – हां एनकाउन्टर भी जरूरी है क्योंकि कभी-कभी क्राईम कंट्रोल के लिए एनकाउन्टर करना कोई बड़ी बात नहीं है। देखिए मै एक ही बात कहूंगा कि अपराधी तो अपराधी होता है। प्रथम दृष्टया अपराधी को सुधारने का प्रयास करना चाहिए लेकिन जब ये लगने लगे कि वह अपराधी सुधरने के बजाए समाज को एक बड़ा खतरा बन चुका है तो ऐसे में उस अपराधी को एनकाउन्टर करना मैं सही कदम मानता हूं।

भड़ास4पुलिस – पुलिस द्वारा किया गया एनकाउन्टर अक्सर सवालों के घेरे में रहते हैं ऐसा क्यों ?

प्रेम गौतम – वैसे तो किसी का जीवन छीनने का किसी को भी अधिकार नहीं है लेकिन हमे समाज की सुरक्षा का जो दायित्व मिला है और जिसके लिए हमने ये वर्दी पहनी है तो हमे अपनी जिम्मदारियों को भी बखूबी अंजाम देना चाहिए। जब तक किसी अपराधी के खिलाफ पर्याप्त सुबूत न हो अथवा कोई आधार न हो तब तक हम किसी की जिन्दगी नहीं छीन सकते। ऐसे में रही बात एनकाउन्टर से पैदा हुए सन्देह की। ऐसे में वे लोग ही फंसते है जो विशेष लाभ पाने के लिए गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाते है।

भड़ास4पुलिस – वैसे तो अपराध और अपराधियों में अंकुश लगाने में पुलिस ने काफी कोशिश की है लेकिन बड़े-बड़े अपराधी अपने द्वारा किये गये अथवा कराये गये अपराधों को छिपाने के लिए राजनीति का सहारा लेते है इससे कैसे निपटा जा सकता है?

प्रेम गौतम – देखिए मै पहले ही स्पष्ट कह चुका हूं कि अपराधी अपराधी है उसके रहने की जगह केवल जेल है। वह चाहे कितनी भी ऊंची पहुंच वाला क्यों न हो। अभी आपने देखा भी होगा तमाम बड़े-बड़े राजनैतिक पहुंच वाले लोगों को भी उनकी घिनौनी करतूतों के लिए बख्शा नही गया और उन्हें जेल की सलाखों के पीछे जाना ही पड़ा।

भड़ास4पुलिस – आजकल पुलिस पर लगातार खुद अपराध और भ्रष्टाचार में लिप्त होने के आरोप लग रहे है जिससे की जनता पुलिस से सुरक्षा का विश्वास उठ रहा है क्या कहेंगे इस बारे में?

प्रेम गौतम – देखिए मेरा मानना है कि जब खाकी वर्दी पहनी है तो जो जिम्मेदारियां मिली हैं उन्हें बखूबी निभाना ही पड़ेगा। लेकिन इसमें कोई दोराय नहीं है कि जो गैर जिम्मेदार लोग होते हैं वे अपनी जिम्मेदारी को भूल जाते है और जो समाज की सुरक्षा का जिम्मा मिला है, उसे भूल जाते है और काले नाग बनकर समाज को डसने का मौका तलाशते रहते हैं लेकिन इस तरह का कोई कृत्य हमारे सामने आएगा जिसमें हमारा कोई अधीनस्थ कर्मचारी शामिल होगा वह किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

भड़ास4पुलिस – अपनी पुलिस सेवा के दौरान का ऐसा कोई यादगार लम्हा जो आप हमसे शेयर करना चाहेंगे?

प्रेम गौतम – देखिए मेरा एक ही सपना रहा कि क्यों न ऐसी राह पर चला जाए जिससे की मैं किसी पीडि़त को सीधे न्याय दिला सकूं। जब मै पूरे दिन पीडि़तों की सेवा व उनकी समस्या का समाधान करता हूं तो जब उस पीडि़त को खुशी मिलती है तो मुझे खुद व खुद इस बात का एहसास हो जाता है कि मेरा आईपीएस होना सार्थक रहा और फिर शाहजहांपुर तो शहीदों की ज़मी है। यहां पर तो पंडित रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, ठाकुर रोशन सिंह जैसे महान देशभक्तों ने जन्म लिया है। जिन्हें मैं शत्-शत् नमन करता हूं और ये वादा करता हूं कि शाहजहांपुर जनपद के प्रति एक नागरिक को हर कदम पर सुरक्षा देना हमारा परम कर्तव्य ही नहीं बल्कि परम धर्म है।

भड़ास4पुलिस- आपके परिवार में और कौन-कौन है अपने व्यस्ततम समय में से परिवार के लिए कैसे समय निकालते है ?

प्रेम गौतम – मेरे परिवार में मेंरे माता-पिता व मेरी पत्नी है। परिवार के सभी लोग भली भांति जानते है कि पुलिस समाज का एक महात्वपूर्ण अंग है और सभी लोग मुझे समाज की सुरक्षा की मिली जिम्मेदारी निभाने में पूरा सहयोग करते हैं।

भड़ास4पुलिस – जी हमें समय देने के लिए शुक्रिया।

प्रेम गौतम – जी धन्यवाद।

10 Responses to “अपराधी कितनी भी पहुंच वाला क्यों न हो छोड़ूंगा नहीं – एसपी प्रेम गौतम”

  1. ji haa aapne jo jalaun me kiya hai wo wakai kabile tarif hai..
    mai aaj bhi us din ko nahi bhula pata hu jab aapne sharabiyo ke khilaf abhiyan cheda tha.. aur sade kapdo me khud jakar sharab kharidte the… us time per thele lagahe wale bhi aapke round ke time per pareshan ho jaya karte the…

    prshant kumar banerjee
    etv news
    jalaun…

    Reply
  2. Prem Gautam Ji Ka Bahut Hi Shaandaar hai, Sabhi Se pyar se Baat karte Hain Chahe Adhinsth Karamchari ho Ya Fariyaadi.. God Bless Him

    Sanjay IBN7

    Reply
  3. prem gautam ji bilkul sahi kaha aapne jo kaha wo kar dikhaya janpad pilibhit ki niyukti ke dauran.emandari se kary kiya kisi ke dabaw me nahi aate.chahe satta pachh / vipachh ka ho ya media se juda ho.jo ganda hai apradhi hai wo aapke karykal me jel jayega.sabse baribat janch suyam karte hai.aap esi tarah emandari or nistha se kary karte rahai. mai aapke ujjwal bhawisy ki kamna karti hoo.

    Reply
  4. धन्यवाद आप सदा स्वस्थ रहें और दीर्घायु हो….ताकि लोगों की मुसीबतों को सुनने की बज़ाय थाने से टरकाने वालों गैर ज़िम्मेदार पुलिसकर्मियों को सबक मिलता रहे

    Reply
  5. Prem ji agar sare adfikari aap jaise ho gye, to UP hi nhi poore Bharat ka kalyan ho jaye.All the best prem ji aap isi tarah apne kam ki jimmedari nibhate rhe.best of luck

    Reply
  6. jalaun me jo chhape mari ki vah vakai tareef ke kabilhai

    Reply
  7. SIR AAPKI KAM KARNE KI SHAILI SE MAI PARICHIT HU AAPKA P.R.O. BHI RAHA HU .JAI HIND SIR.

    Reply
  8. आज हमारे देश को आप जैसे विचार रखनेवाले पुलिस अधिकारियो की बहुत आवश्कता है….पुलिस की कार्यशेली में आपके इन विचारो को प्रयोगात्मक तोर पर उपयोग करने के लिए अन्य सभी पुलिस अधिकारियो/कर्मचारियों को सीख लेनी चाहिए…चन्द्र प्रकाश जी मै आपकी इन भावनाओ की कद्र करता हूँ….और आज के नोजवानो को सलाह देता हूँ की अपनी जिन्दगी में कुछ करना चाहते है तो उनके लिए चन्द्र प्रकाश जी जैसे सफल अधिकारी के प्रोफाइल को देख कर कुछ सबक लेना चाहिए…..
    मै आपके सुखद भविष्य की कामना करता हूँ…..

    Reply
  9. sir,

    aap ise tarah hamesha bane rahain aur jalaun jile main jaisa good work hua vaisa her jile main aapka name & good work ho aap aasman ki bulandiyon ko chuain yahi meri subhkamnayain hai.

    devaki nandan
    survielance cell lko

    Reply
  10. I KNOWS PREM GUTAM JI (IPS) , HE WORKS VERY HARDLY , CLEARLY, HE MAKES A TURELY JUDGMENT,AND TAKE FAST ACTION IF HE CRIMINAL OR POLICE PERSON.
    PREM GUTAM IS BIGGEST SHINNING STAR,

    DABANGGGGGGG

    KALEM A KHAN

    Reply

Leave a Reply

Spam protection by WP Captcha-Free

Switch to our mobile site